जालौन में भ्रष्टाचार की भेट चढ़ी आंगनवाड़ी चयन प्रक्रिया || जातिवाद रिश्तेदारी देखकर किया गया || सीडीपीओ पर ₹200000 लेकर भर्ती करने का लगा आरोप

🅱️BIG BREAKING NEWS JALAUN
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🛑 जालौन में भ्रष्टाचार की भेट चढ़ी आंगनवाड़ी चयन प्रक्रिया

🛑 जबकि मुख्यमंत्री के सख्त आदेश हैं की भ्रस्टाचार करने वालों की पीढ़ीयों को भी भुगतनी होगी भ्रस्टाचार की सजा

🛑 जातिवाद रिश्तेदारी देखकर किया गया भर्ती

🛑 सीडीपीओ पर ₹200000 लेकर भर्ती करने का लगा आरोप

🛑 सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के आदेशों को ठेंगा दिखाते जालौन के आंगनबाडी चयनकर्ता अधिकारी


🛑 आखिर कब तोड़ी जाएगी जालौन के भ्रस्टाचारी अधिकारियों की कमर, या फिर सरकार यूँ ही बड़ी बड़ी डीगें हाँकती रहेगी

उरई (जालौन) ।शासन के निर्देश पर 15 वर्ष बाद जनपद जालौन में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरु की गयी है। जिसके तहत विगत 18 मार्च को लगभग 251 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को विकास भवन सभागार में नियुक्ति पत्र बाटें जा चुके है। इसके बाद 19 मार्च दिन बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का चयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में प्रक्रिया शुरू की गयी। इस दौरान आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट में चढ़ती दिखाई दी। जिसमें खुलकर शासनादेश की धज्जियां मौजूद अधिकारियों द्वारा उडाई गयी। जबकि शासनादेश में यह स्पष्ट है कि आंगनबाड़ी नियुक्ति में सबसे पहले विधवा को वारियता दी जायेगी। इसके बाद भी विधवा एवं गरीब महिला को चयन प्रक्रिया से बेदखल,मौजूद अधिकारियों द्वारा कर दिया गया। महिला पूजा देवी पत्नी मुकेश कुमार निवासी मरगांया तहसील कालपी जनपद जालौन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया है। पीड़िता का नाम चयन सूची में प्रथम स्थान में था, डी वी भी विकास भवन में हुआ था। पीड़िता की शिक्षिक योग्यता एम ए० बी एड है। पीड़िता की मेरिट उच्च कोटि की है तथा अपात्र रजनी पत्नी सुशील का राशनकार्ड एपीएल का है जो प्रक्रिया भर्ती में रजनी देवी का राशन कार्ड अंतोदय का लिखा है।तथा जबकि रजनी देवी के पास कोई भी राशन कार्ड नहीं हैं! साथ ही लेखपाल अनित यादव जो रजनी का रिश्तेदार है, जिसकी वजह से रजनी देवी का आय प्रमाणपत्र कम आय का बना दिया गया है। जिसके पति के नाम बॉलरों गाड़ी और खेती है।जिसकी जांच की जाये तो सत्यता सबके सामने आ गयी साथ ही उसके अलावा सी०डी०पी०ओ० उषा यादव है जो भी रजनी के रिश्तेदार है तथा सी०डी०पी०ओ० के द्वारा 2 लाख रूपये लेकर रजनी का चयन फर्जी तरीके से किया गया है तथा पीड़िता से चयन हेतु भी 2 लाख रुपए की मांग की थी जिसको पीड़िता ने देने से मना कर दिया गया था तथा सीडीपीओ के द्वारा कई अभ्यर्थियों से रूपये मांगे गये जिसकी आडियो रिकार्डिंग पीड़िता के पास है। पीड़िता ने रूपये नहीं दिया तो चयन नहीं किया गया, जिसकी सूचना प्राप्त हुई है। जबकि पीड़िता का नाम प्रथम सूचना लिस्ट में चयनित हो चुका था। फिर भी फर्जी तरीके से पीड़िता का चयन नहीं किया गया।पीड़िता ने शिकायती पत्र भेजकर जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। जिसका नाम इसके बाद उक्त विधवा और गरीब महिला हेमलता पत्नी स्व. प्रदीप कुमार निवासी ग्राम छतारेपुरा विकास खंड माधौगढ़ ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उसने आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर आवेदन किया था जिसमें सत्यापन के दौरान सभी कागजात सही पाये गये थे इसके बाद भी मैरिट में भी अच्छे अंक होने के बाद भी चयन नहीं किया गया जबकि वह गरीब व बेसहारा है। इस लिए जिलाधिकारी से चयन किये जाने की मांग उठाई है। इसी प्रकार तहसील माधौगढ़ के ग्राम नीचे का पुरा (सर) निवासी सुनीता कुशवाहा पत्नी मंगल सिंह ने भी जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री चयन के पद में फर्जी तरीके से चयन करने का आरोप अधिकारियों पर लगाया है। उन्होंने मामले की जांच करवाये जाने की मांग जिलाधिकारी से उठाई है।जब वही पूरे मामले की जानकारी सी०डी०पी०ओ० उषा यादव लेनी चाहि तो उनका फोन ही नहीं उठा।

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