घौंघा की निद्रा में सोये जालौन के अधिकारी, आपात्र और पक्के मकान वालों,जमींदारों को बाँट दिये गये आवास,
गरीबों तक नहीं पहुँच सका सरकारी योजनाओं का लाभ,भाजपा की डबल इंजन की सरकार फेल
पूर्ब प्रधान और सचिव के द्वारा हर सरकारी योजना का गला घौँटने का काम किया
ग्राम मिझहौना की जांच आख्या चीख रही सरकारी दफ़्तरो में बचाओ बचाओ बचाओ कोई मुझे भी धूल मिट्टी से बचाओ
जांच आख्या की फाइल को नहीं मिला न्याय तो पहुंची संविधान के चौथे स्तम्भ के पास
माधोगढ़ जालौन
उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार को शासन करते हुये 7साल से अधिक का समय हो गया है परन्तु उत्तरप्रदेश के जनपद जालौन में गरीब लोगों की समस्याएँ जस की तस बनी हुई है, भाजपाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ करते थकते नहीं है परन्तु जमीनी स्तर पर अगर देखा जाये तो सबका साथ सबका विकास सिर्फ कागजी फाइलो तक ही सीमित है अधिकारीयों की संलिप्तता के चलते भ्रष्टाचार करना जालौन में आम बात हो गयी है
और भ्रष्टाचार की कहानी बयां करती हुई फाइलों में इतनी धूल जम चुकी है की कोई भी अधिकारी , फाइलों पर जमीं धूल से उलझना नहीं चाहता, चूंकि दीवाली नजदीक है तो वह फाइलें चीख चीख कर भ्रस्टाचार की दास्तां बयां कर रही है हम उन अधिकारीयों से यह कहना चाहते है की अगर घौंघा की निद्रा में सोये हुये अधिकारी जाग जाएँ तो भाजपा सरकार की योजनाओं की लंका सरकारी कागजोँ का पुलन्दा बनाकर जिसके द्वारा लगायी गयी हैवो शख्स दबंग जिला बदर अपराधी है जिसके ऊपर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुक़दमे पंजीकृत है,ग्राम प्रधान सुनील कुमार दुबे की दबंगई इस कदर चरम सीमा पर है की इसकी दबंगई के आगे बाबा के आला अधिकारियों की कलम की स्याही दबंग सुनील कुमार दुबे के खिलाफ कार्रवाई करने के नाम से ही कलम के अंदर सूख जाती है,
दबंग पूर्व प्रधान सुनील कुमार दुबे का खौफ अधिकारियों में इस कदर है कि ग्राम पंचायत मिझोना विकासखंड माधोगढ़ जनपद जालौन मैं ग्रामीणों ने अनियमितताओं की शिकायत की थी जिसकी जांच हुए करीब 5 साल बीत चुके हैं 5 साल का समय बीत जाने के बाद भी सरकारी सिस्टम और करप्शन की शिकार जांच आख्या की फाइल अपना दम सरकारी दफ्तरों में धूल खाती हुई तोड़ रही है घौंघा की तरह अधिकारी निद्रा में सोए हुए हैं 5 साल बीत जाने के बाद भी कोई संतोषजनक कार्यवाही अधिकारियों के द्वारा नहीं की गई भ्रष्टाचार और खौफ का दूसरा नाम सुनील कुमार दुबे है इसका प्रभाव,विकास दुबे से तनिक भी जनपद जालौन में कम नहीं है
तभी तो जनपद जालौन की ग्राम पंचायत मिझहौना में अपात्र और पहले से बने पक्के मकान बालों को और जमींदार लोगों को लोहिया आवास योजना का लाभ दिया गया इसके बाद उनको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दिया गया इसकी अतिरिक्त 20 बीघा जमीन होने के बावजूद भी उनका आपात्र को पात्र दिखाकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया तथा पात्र लोगों और गरीबों का हक मार कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया गरीबों को हमेशा से ही सिस्टम की मार को झेलना पड़ता है चाहे सरकार जो भी हो, यह बात सत्य हो गई है
ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार जिले के आला अधिकारियों से की परंतु परिणाम निष्कर्ष हीन रहा इसी के साथ ही मनरेगा और इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण तथा इत्यादि सरकारी योजनाओं को पलीता लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग प्रधान और सचिव के द्वारा जमकर किया गया परंतु जिले के अधिकारियों को इसकी तनक भी चिंता नहीं है क्या जिले के अधिकारियों को भी इसका नजराना पेश किया गया, 5 साल बीत जाने के बाद भी अधिकारियों के द्वारा कोई कार्रवाई न करना अधिकारियों के कार्य शैली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है, की सरकारी धन का दुरुपयोग इसी तरह किया जाएगा और गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ कभी नहीं मिल पाएगा गरीब हमेशा गरीब ही रह जाएगा और कच्चे मकान में रहने को मजबूर रहेगा