जालौन में लोकेशन माफियाओं के मकड़जाल में फंसे जालौन जिले के प्रशाशनिक अधिकारी,
लोकेशन माफियाओं के लोकेशन देते क़ई ऑडियो बायरल फिर भी प्रशासन कार्यवाही करने में नाकाम
ब्यूरो रिपोर्ट जालौन, स्थान उरई
जालौन में लोकेशन माफियाओं के मकड़जाल में फंसे जालौन जिले के प्रशाशनिक अधिकारी,लोकेशन माफियाओं के लोकेशन देते क़ई ऑडियो बायरल फिर भी प्रशासन कार्यवाही करने में नाकाम साबित हो रहा है
सूत्रों के अनुसार ….यह लोकेशन माफिया जालौन जिले में संचालित 1 दर्जन बालू अथवा मौरम की खदानों से बालू और मौरम को ओवरलोड भरकर ट्रकों को बिना रॉयलिटी जमा किये ट्रकों को निकलवाने का कार्य करते है, जिसमे से एक नाम जिले में लगातार सुर्खियों में बना हुआ है जिसकी पकड़ सत्ताधारी नेताओं और जिले के क़ई अधिकारियों से है जिसकी वजह से यह हर बार अपने आप को बचा लेता है अच्छी पकड़ होने की वजह से अधिकारी भी इस लोकेशन माफिया पर कार्यवाही करने से परहेज करते है इस लोकेशन माफिया अनुरुद्ध कुमार,प्रदीप उर्फ़ भूरा के जिले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के द्वारा लोकेशन देते हुये कई ऑडियो बायरल हुये,परन्तु जिले के अधिकारियों की उदसीनता के चलते इसका लोकेशन का ब्यापार हरे बाग बगीचे की तरह फल फूल रहा है,माफिया के अनुसार इनका कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता नां ही कार्यवाही कर सकता है
सूत्रों के मुताबिक इस लोकेशन माफिया का कहना है की यह बिभाग से सम्बंधित अधिकारियों को दस दस हजार रूपये महीना देता है जिसकी बजह से इस माफिया पर कोई भी अधिकारी कार्यवाही नहीं करता है!
खनन बिभाग के बाबू _उमेश बाबू जी_ की लोकेशन देते हुये लोकेशन माफिया का ऑडियो हुआ था बायरल, उसके बाद उपजिलाधिकारी उरई का लोकेशन देते हुये ऑडियो बायरल हुये, परन्तु इस लोकेशन माफिया का आतंक विकास दुबे, अतीक अहमद इत्यादि माफियाओं से तनिक भी कम नहीं है
उक्त लोकेशन माफिया जालौन के जिला प्रशासन के सिर पर चढ़कर नागिन डांस कर रहें है लोकेशन माफिया अनुरुद्ध कुमार का एक गुर्गा जिसका नाम लला है जो RTO ऑफिस और कलेक्ट्रेट ऑफिस, निर्वाचन कार्यालय के आसपास बाहर खड़ा होकर पहरा देता है, जैसे ही कोई अधिकारी पेट्रोलिंग पर निकलता है तो यह अपने साथी अनुरुद्ध कुमार को लोकेशन देता है जिससे यह लोकेशन माफिया घर बैठकर अपने लोकेशन का ब्यापार चला रहा है इसके साथ ग्रुप में क़ई लड़के वैभव निरंजन जिसका ट्रक भी चलता है के साथ अज्ञात और क़ई लड़के शामिल है जिससे यह लोकेशन माफिया प्रशासन की नजरों से बचा रहता है
लेकिन देखने वाली बात यह होगी की प्रशासन को अपनी उँगलियों पर कब तक नागिन नाच नचाएगा लोकेशन माफिया
इनसेट ___ लोकेशन माफियाओं को ऐसे होती है रुपयों की इनकम
उक्त लोकेशन माफिया दिन और रात में ओवरलोड बालू से भरे, बिना रॉयल्टी के ट्रकों को निकलवाने का करते है काम,एक ट्रक निकलवाने पर इन माफियाओ को ट्रक मालिकों से मिलता है, 2 से 3 हजार रूपये का इनाम
यह लोकेशन माफिया जिले के छोटे बड़े सभी अधिकारियों की देते हैँ लोकेशन
यदि कोई अधिकारी अपनी गाड़ी बदलकर भी गस्त या चेकिंग पर निकले तो इनके पास रहती है पूरी जानकारी
अधिकारियों के ड्राइवरो से रहती है इनकी सेटिंग गैटिंग ड्राइबरों को भी देते है ये खर्चा पानी चंद कागज के टुकड़ों पर बिक जाते अधिकारियों के ड्राइवर
इन लोकेशन माफियाओं पर क्यों नहीं हो पाती कार्यवाही
इन पर प्रशासन के कुछ प्यादे ही है मेहरबान इसलिए नहीं हो पाती इन पर कठोर कार्रवाई
अधिकारियों की लोकेशन मिलने पर रहता अधिकारियों की जान को खतरा, फिर भी लोकेशन माफियाओं पर शिकंजा कसने मेंजिला प्रशासन नाकाम है , इन लोकेशन माफियाओं पर कार्यवाही ना होने से इनके हौंसले बुलंद हैं नहीं हुई कोई वक्त पर कार्यवाही तो हो सकता है अधिकारियो के साथ कोई बड़ा हादसा आखिर लोकेशन माफियाओं की कमर क्यों नहीं तोड़ पा रहा जिला प्रशासन एक लोकेशन माफिया पर कार्यवाही करके, प्रशासन पीट रहा अपनी छाती इन दबंग माफियाओं पर कार्यवाही ना होने से इनके हौसले सातवे आसमान पर है और यह जिले के पत्रकारों को खबर लिखने पर डराते और धमकाते हैं गन्दी गन्दी गलियां भी देते हैं इनके खिलाफ शिकायत करने पर इन पुलिस प्रशासन भी मेहरबान नजर आ रहा हैं क्योंकि उक्त माफिया के खिलाफ शांति भंग में चालान कर के उसको बचा लिया जाता हैं आखिर ऐसा जालौन में कब तक चलेगा यह देखने वाली बात होगी बाबा योगी आदित्यनाथ जी का बुलडोजर इस लोकेशन माफिया पर कब चलेगा यह देखने वाली बात होगी, या फिर सिर्फ गरीबों के लिये बनाया गया है यह बाबा का बुलडोजर
मेरा सवाल जिले के उन सभी जिम्मेदार अधिकारियों से है जो सब कुछ जानकार भी अनजान बने बैठे है, या फिर आप लोग भी इस खेल में शामिल हैं क्या समझे जिले की जनता, इस सवाल का जवाब दें और जिले में माफियाओं की कमर तोड़ने का काम करें नां की कमर जोड़ने का करें